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स्वास्थ्य

तनाव और चिंता के लिए 10 योगासन

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तनाव और चिंता ( Stress and Anxiety ) आजकल एक आम समस्या बन गई है। ज्यादा Workload, Family Problems, Business Problems, Finance Problem, Competition, भागदौड़ आदि से न चाहते हुए भी मन अशांत और तनावग्रस्त हो ज्यादा है जिसका बहुत ज्यादा फर्क हमारी Personal Life पर भी पड़ता है.

इस लेख में आप जानेंगे:

  • तनाव और चिंता के लिए 10 योगासन
  • 1. अंजलि मुद्रा
  • 2. सुखासन मुद्रा
  • 3. मार्जरासन मुद्रा
  • 4. बितिलासन मुद्रा
  • 5. उत्तान शीशोसन
भागमुख्य बात
तनाव और चिंता के लिए 10 योगासनअंजलि मुद्रा (Anjali Mudra) को प्रणाम की मुद्रा की नाम से भी जाना जाता है।
1. अंजलि मुद्राअंजलि मुद्रा (Anjali Mudra) को प्रणाम की मुद्रा की नाम से भी जाना जाता है।
2. सुखासन मुद्राजैसा के नाम से ही मालूम होता है, सुखासन यानि सुख देने वाला आसान।
3. मार्जरासन मुद्राइस योग मुद्रा से रीढ़ और पेट दोनों ही लचीले बनते हैं, तनाव को कम करता है इसे बिल्ली आसान भी कहा जाता…
4. बितिलासन मुद्रायह मुद्रा भी तनाव और मानसिक समस्याओ के निदान हेतु प्रभावकारी है इसे Cow Pose भी कहा जाता है।
5. उत्तान शीशोसनयह मुद्रा भी तनाव और मानसिक समस्याओ के निदान हेतु प्रभावकारी है।
6. – पश्चिमोत्तानासनयह आसान तनाव और मानसिक समस्याओं का निदान तो करता है साथ साथ कई प्रकार की रोगों जैसे मोटापा कम करता ह…
7. जानु सिरसासनजानु सिरसासन दो शब्दों से मिलकर बना है जानु + शीर्ष।

तनाव और मानसिक अशांति में योग रामबाण साबित होता है, योग कोर्टिसोल और एड्रनलिन हार्मोन्स, जिसके बजह से हम तनाव महसूस करते है को कम करने में सक्षम है। योग से शरीर को Energy तो मिलती ही है साथ साथ मन को भी शांत कर पाते हैं। जानते है 10 योग प्रभाव : तनाव और चिंता के लिए –

सावधानी (Caution) : 1- किसी भी योग को करते समय सबसे पहले किसी समतल स्थल पर एक आरामदायक आसन बिछा लें। 2- योगा में स्वास क्रिया का बहुत महत्त्व है, योग क्रिया के दौरान अपनी breath पर focus करें। 3 – योग मुद्रा को 30 से 60 सेकंड तक रोकने का प्रयास करें परन्तु क्रिया को धीरे धीरे Comfortable होते हुए करें। 4 – बिलकुल भी Forcibly न करें अन्यथा Injury के Chances हो सकते हैं, निरंतर अभ्यास (Practice) से आप पूर्ण रूप से योग करना सीख जायँगे। 5- अगर योग करने में परेशानी हो रही है तो किसी योग टीचर / डॉक्टर (Yoga Teacher / Doctor) से सलाह लें।

तनाव और चिंता के लिए 10 योगासन

1. अंजलि मुद्रा

अंजलि मुद्रा (Anjali Mudra) को प्रणाम की मुद्रा की नाम से भी जाना जाता है। यह ध्यान (Meditation) को जाग्रत (Aware) करने वाली मुद्रा है, ह्रदय चक्र के पास दोनो हांथों को जोड़कर नमस्कार की मुद्रा में इसे किया जाता है। इससे ह्रदय में ऊर्जा बनती है ये ऊर्जा दिमाग के दोनों हिसों को शांत करती है। दोनों पर जोड़कर सीधे बैठे एवं अपने दोनो हांथों को अपने ह्रदय के समीप नमश्कार की मुद्रा में बैठे और अपनी आँखों को बंद कर लें।

2. सुखासन मुद्रा

जैसा के नाम से ही मालूम होता है, सुखासन यानि सुख देने वाला आसान। सुखासन के प्रयोग से तनाव, चिड़चड़ापन दूर होता है, और Mind भी Fresh रहता है , छाती, रीढ़ की हड्डी और पैर मज़बूत होते हैं। इस क्रिया को करना काफी आसान है, अंजलि मुद्रा की तरह इस मुद्रा में भी दोनों पैर मिलकर (पालथी मारकर) बैठ जाएँ। अपने सिर व् गर्दन एवं पीठ को सीधा रखें। अब अपने कंधों को ढीला छोड़कर उन्हें एक सीध में रखें और पाने हाथों कोनीचे बताए अनुसार रखें एवं अपनी सांस को पहले अंदर की ओर खीचें फिर बाहर की ओर छोड़ें, 10 से 15 बार ये स्वास क्रिया करें, कोशी करें सांस को 40 से 60 सेकंड तक रोककर रखें।

3. मार्जरासन मुद्रा

इस योग मुद्रा से रीढ़ और पेट दोनों ही लचीले बनते हैं, तनाव को कम करता है इसे बिल्ली आसान भी कहा जाता है। मार्जरासन मुद्रा में आप अपने घुटनो और हांथो के बल आ जाएँ जैसे कि बिल्ली Pose अब धीरे चीरे सांस छोड़ते हुये सर को छाती की तरफ लाएं और कमर को ऊपर की और उठायें इस मुद्रा से आपकी पीठ में खिचाव आना चाहियें। अब विपरीत सिर को ऊपर और पीठ को अंदर की तरफ ले जाएँ, इस तरह आपकी Chest में खिचाव आना चाहिए। इस तरह 2 से 3 मिनट तक दोहराएं।

4. बितिलासन मुद्रा

यह मुद्रा भी तनाव और मानसिक समस्याओ के निदान हेतु प्रभावकारी है इसे Cow Pose भी कहा जाता है। इस योग को करते समय आपकी शारीरिक मुद्रा गाय की तरह हो जाती है। बितिलासन मुद्रा में अपने दोनों घुटनों के बल पर खड़े हो जाएँ और अपने दोनों हाथों को भी जमीन पर सट्टा कर रखें, ध्यान रहे की आपके दोनों घुटने आपके कूल्हों (Hips) के नीचे होने चाहिए, और आपकी कलाई आपके कंधों के नीचे एक ही पंक्ति में होना चाहिए। उसके बाद अपने सिर को ढीला छोड़ दें और धीरे धीरे नीचे देखें। अब साँस लेते हुए अपने नितंबों (Bum) को ऊपर की ओर उठाएं और पेट को नीचे की ओर और साथ ही सर को ऊपर जितना उठा सकें उठाएं, फिर, फिर धीरे धीरे सामान्य स्थिति में आ जाएँ।

5. उत्तान शीशोसन

यह मुद्रा भी तनाव और मानसिक समस्याओ के निदान हेतु प्रभावकारी है। सबसे पहले अपने दोनों पैरों को मोड़कर सीथे बैठ जाएँ अपने दोनों हाथों को ऊपर करें और गहरी सांस लें. धीरे धीरे सांस छोड़ते हुए अपने हिप्स को एड़ियों की तरफ लेकर जाएँ इससे आपकी हटेलियों पर दबाब और और रीढ़ की हड्डी में खिचाव महसूस होगा। अब अपनी कोहनी को मोड़ते हुए शरीर के ऊपरी भाग को ज़मीन कि ओर ले जाएँ और कोशिश करें हाथ जमीन पर Touch हों, गहरी सांस लेते और छोड़ते हुए कुछ समय तक इसी पोज़ में रहें। (आसान विधि – वीडियो देखें )

6. – पश्चिमोत्तानासन

यह आसान तनाव और मानसिक समस्याओं का निदान तो करता है साथ साथ कई प्रकार की रोगों जैसे मोटापा कम करता है, वीर्य समस्याओं को दूर करता है।, त्वचा रोगों की लिए लाभकारी है, साइटिका से सम्बंधित रोगों को दूर करता है, पाईल्स, पेट आदि के लिए लाभकर है

7. जानु सिरसासन

जानु सिरसासन दो शब्दों से मिलकर बना है जानु + शीर्ष। जानु यानि घुटना और शीर्ष यही सिर। यह आसान तनाव में बहुत लाभकारी है यह दिमाग को शांत करने वाला आसान है। यह शरीर में लचीलेपन को बढ़ता है, पाचन क्रिया में सुधर लाता है। शरीर को स्फूर्ति देता है। महिलाओं को मासिक धर्म में होने वाली परेशानी से भी निजात दिलाता है।

8. – शीर्षासन

यह आसान थोड़ा कठिन है, कुछ अभ्यास की बाद इसे किया जा सकता है, पर यह बहुत लाभकर आसान है, यह दिमाग को शांत और तेज तो करता ही है मुख पर तेज भी लाता है यानि चहरे की चमक बढ़ जाती है। रीढ़ की हड्डी, हाथों और टांगों को मजबूत करता है। (आसान विधि – वीडियो देखें )

9.- बालासन

इस आसान को करते समय आपकी मुद्रा माँ के कोख में बच्चे जैसे होती है, इसलिए इसे बालासन (बाल + आसन) कहा जाता है। इसे Child Pose के नाम से भी जाना जाता है। यह तनाव के तो लाभकर है ही इसके साथ तंत्रिका तंत्र (Nervous system) को भी मज़बूत करता है, कब्ज़ और एसिडिटी में लाभकर है। शुगर के मरीज़ों के लिए यह आसान काफी लाभकारी है। नोट – जिनको उच्च रक्तचाप की समस्या (high blood pressure problems) हो वो इस योग को न करें

10.- शवासन

शवासन संस्कृत शब्द शव से बना है जिसका अर्थ है ‘मृत शरीर’. इस आसन को शवासन नाम इसलिए दिया है क्योंकि इसमें शरीर एक मृत के समान करना होता है। शवासन विश्राम करने के लिए है और लगभग पूरे योगासन प्रक्रिया के दौरान पश्चात किया जाता है। एक पूरा योग का क्रम क्रियाशीलता के साथ आरम्भ होता है और विश्राम में समाप्त होता है। शवासन ध्यान से Related है. इस आसान से तनाव से मुक्ति मिलती है. शरीर को ऊर्जा मिलती है। यह आसन नीचे रक्त-चाप (Low Blood Pressure) इंसोम्निया और एंग्जायटी के मरीजों के लिए बहुत ही लाभकारी है।