आईएएस अधिकारी रोहिणी सिंधुरी की सफलता की कहानी
नमस्कार मित्रो आज के अपनी इस सक्सेस स्टोरी की श्रंखला में हम आपको बताने जा रहे है दास्तान IAS रोहिणी सिंधुरी के सफल जीवन की जो कि आज के नये भारत में उभरती महिला सशक्तिकरण का हम सबके सामने एक उदहारण है और जिन्होंने अपने द्वारा किये गये कई कार्यो से देश का ही नही बल्कि नारी समाज का भी सम्मान बढ़ाया है | चलिए जाने IAS Officer Rohini Sindhuri Success Story विस्तार से
इस लेख में आप जानेंगे:
- आईएएस अधिकारी रोहिणी सिंधुरी की सफलता की कहानी
- IAS अफसर रोहिणी सिंधुरी के निजी और प्रारंभिक जीवन की दास्तान
- IAS Officer रोहिणी सिंधुरी के अब तक के कैरियर की दास्तान
| भाग | मुख्य बात |
|---|---|
| आईएएस अधिकारी रोहिणी सिंधुरी की सफलता की कहानी | रोहिणी सिंधुरी का जन्म 30 मई 1984 को भारत के एक दक्षिणी राज्य आंध्र प्रदेश में हुआ था । |
| IAS अफसर रोहिणी सिंधुरी के निजी और प्रारंभिक जीवन की दास्तान | रोहिणी सिंधुरी का जन्म 30 मई 1984 को भारत के एक दक्षिणी राज्य आंध्र प्रदेश में हुआ था । |
| IAS Officer रोहिणी सिंधुरी के अब तक के कैरियर की दास्तान | IAS Officer रोहिणी सिंधुरी का एक भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी के रूप में कैरियर बहुत ही शानदार रहा… |
आईएएस अधिकारी रोहिणी सिंधुरी की सफलता की कहानी
IAS अफसर रोहिणी सिंधुरी के निजी और प्रारंभिक जीवन की दास्तान
रोहिणी सिंधुरी का जन्म 30 मई 1984 को भारत के एक दक्षिणी राज्य आंध्र प्रदेश में हुआ था । उनकी माँ का नाम लक्ष्मी रेड्डी है | उन्होंने हैदराबाद विश्वविद्यालय से केमिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक से अपनी स्नातक वर्ष 2003 – 2009 के बीच पूर्ण की | इसके बाद उनका चयन 2009 बैच के कर्नाटक कैडर से एक IAS अधिकारी के रूप में हो गया । उनका विवाह नेल्लोर के एक व्यापारी सुधीर रेड्डी से हुआ है और उनके एक बेटा और एक बेटी के रूप में 2 बच्चे भी है | वह अपनी मातृभाषा तेलुगु के अलावा कन्नड़, हिंदी और अंग्रेजी समेत कई भाषाओं का ज्ञान रखती है |
IAS Officer रोहिणी सिंधुरी के अब तक के कैरियर की दास्तान
IAS Officer रोहिणी सिंधुरी का एक भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी के रूप में कैरियर बहुत ही शानदार रहा है | वो अपनी ड्यूटी के लिए हमेशा से ही गंभीर और बहुत ईमानदार मानी जाती रही है |
वर्ष 2014 में, रोहिणी सिंधुरी को मंड्या जिला पंचायत के CEO के रूप में नियुक्त किया गया था । तब उन्होंने वर्ष 2014-15 में इस क्षेत्र लगभग 1.02 लाख घरों में व्यक्तिगत शौचालय बनवाने के लिए एक अभियान चलाया था | वह अपने लक्ष्य को सफल बनाने के लिए रोज सुबह-सुबह ग्रामीणों से मिलने निकल जाती थी जिसके लिए उन्हें मीडिया में बहुत सुर्खियों मिली थी । उस वक़्त उन्होंने पूरे जिले में लगभग 1 लाख शौचालय बनवाये थे जिसके कारण यह क्षेत्र राज्य में स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत राज्य का नंबर 1 जिला और भारत में तीसरा जिला बन गया था ।
रोहिणी सिंधुरी ने केद्र सरकार से मिले पीने के पानी के लिए 65 करोड़ रुपये के फण्ड का सफलतापूर्वक उपयोग किया और पूरे शहर में 100 से अधिक पेयजल इकाइयो की स्थापना की । उनके कार्यो को और प्रोत्साहन देने के लिए उन्हें केंद्र सरकार ने और 6 करोड़ रुपये के फण्ड जो इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए और जारी कर दिए |
IAS रोहिणी सिंधुरी ने किसानों को खेती को स्थाई तौर पर अपनाने के लिए प्रेरित किया और शहर में कन्या भ्रूण हत्या की समस्याओं के मामले को भी गंभीरतापूर्वक लेते हुए कई क्षेत्रों में माता-पिता को इस प्रथा के खिलाफ शिक्षित करने के लिए एक कार्यक्रम भी चलाया जिसके लिए उनकी खूब सराहना हुई थी ।
IAS रोहिणी सिंधुरी ने मांड्या जिला पंचायत के CEO के रूप में उन्होंने आम लोगो के द्वारा संपत्ति दस्तावेज प्राप्त करने के लिए कार्यालयों में चक्कर काटने में लगने वाले समय को बचाने के लिए संपत्ति दस्तावेज डाउनलोड करने के लिए एक ऐप को भी लॉन्च किया ।
रोहिणी सिंधुरी ने हसन जिले में अपनी जिला कलेक्टर की पोस्टिंग के दौरान वहां मौजूद रेत माफियाओ के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर छापेमारी की सख्त कार्रवाई भी की थी |
रोहिणी सिंधुरी ने हसन जिले में जिला कलेक्टर रहते हुए वहां की शिक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए बहुत कार्य किये |
रोहिणी सिंधुरी वर्ष 2018 में हसन जिले में उनके द्वारा लगातार की जा रही कारवाई के कारण मात्र सात माह की सेवा के बाद स्थानीय राजनेताओं के दबाव के कारण राज्य सरकार द्वारा स्थानांतरित कर दिया गया था जिसके खिलाफ उन्होंने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और फिर कोर्ट के दखल के बाद में उन्हें हसन डीसी के रूप में फिर से नियुक्त किया ।
रोहिणी सिंधुरी को वर्ष 2015 में केंद्र सरकार द्वारा मांड्या जिले में स्वच्छ भारत अभियान (SBA) में उनके अच्छे प्रदर्शन के कारण नई दिल्ली में जिला कलेक्टरों को प्रशिक्षित करने के लिए तीन संसाधन व्यक्तियों में से एक के रूप में चुना गया था |
रोहिणी सिंधुरी ने प्राथमिक समस्याओ को आसानी से निपटाने के लिए एक ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली पोर्टल लॉन्च किया जिसकी सहायता से को भी व्यक्ति अपनी शिकायतों को आसानी से ऑनलाइन प्रस्तुत कर सकता है |


