कैब ड्राइवर गाजी जलालुद्दीन की प्रेरणादायक कहानी
नमस्कार मित्रो आज के इस अंक में हम आपके लिए लाये है Cab Driver Gaji Jalauddin Success Story जो गरीबी के कारण खुद सड़को पर भीख माँगा करते थे पर आज अपनी हिम्मत और काबिलियत के बलबूते 2 स्कूल के मालिक बन चुके है | ये कहानी है उस कैब Driver की जिसने अपने सपने को अपनी आर्थिक तंगी को देखकर मार लिया था पर फिर अपने बुलंद हौसलों और चुनौतियों के सामना करने की हिम्मत ने उनकी पूरी ज़िन्दगी बदल दी |
इस लेख में आप जानेंगे:
- गाजी जलालुद्दीन की प्रेरणादायक कहानी
- बचपन की कहानी
- 13 साल की उम्र में कमाने की शुरुआत
- ड्राइविंग स्कूल और समाज सेवा
| भाग | मुख्य बात |
|---|---|
| गाजी जलालुद्दीन की प्रेरणादायक कहानी | कैब ड्राइवर गाजी जलालुद्दीन का जन्म पश्चिम बंगाल के सुंदरवन इलाके के ठाकुरचाक गांव में एक गरीब किसान… |
| बचपन की कहानी | कैब ड्राइवर गाजी जलालुद्दीन का जन्म पश्चिम बंगाल के सुंदरवन इलाके के ठाकुरचाक गांव में एक गरीब किसान… |
| 13 साल की उम्र में कमाने की शुरुआत | आख़िरकार तकलीफों से लड़ते हुए और परिवार की जिम्मेदारी उठाते हुए Cab Driver Gaji Jalauddin ने कोलकाता (… |
| ड्राइविंग स्कूल और समाज सेवा | ड्राईवर बनने के बाद भी Cab Driver Gaji Jalauddin के मन में अपने गाँव के बच्चो के आर्थिक विकास करने क… |
गाजी जलालुद्दीन की प्रेरणादायक कहानी
बचपन की कहानी
कैब ड्राइवर गाजी जलालुद्दीन का जन्म पश्चिम बंगाल के सुंदरवन इलाके के ठाकुरचाक गांव में एक गरीब किसान के परिवार में हुआ था | परिवार की हालत इतनी खराब थी कि कई दिन तो खाना खाने तक को नसीब नही होता था और पूरा परिवार सिर्फ पानी पीकर सो जाता था। गाजी जलालुद्दीनपढ़ने में बहुत होशियार थे और कक्षा में हमेशा टॉप आते थे पर गरीबी के कारण कक्षा 2 तक भी नही पहुँच पाये |
उनके पिताजी परिवार के पालन-पोषण के लिए कोलकाता (Kolkata) काम करने आये पर वहां भी उनके पिताजी को काम नही मिला | गरीबी ने ये हालत कर दी कि गाजी जलालुद्दीन छोटी सी उम्र में ही भीख मांगनी पड़ी |
13 साल की उम्र में कमाने की शुरुआत
आख़िरकार तकलीफों से लड़ते हुए और परिवार की जिम्मेदारी उठाते हुए Cab Driver Gaji Jalauddin ने कोलकाता (Kolkata) के बाजार में सामान का ठेला खींचने का काम शुरू किया | फिर कुछ समय पश्चात कोलकाता (Kolkata) के इंटाली बाजार में सवारी वाला रिक्शा भी चलाने का काम किया | उन्होंने जैसे-तैसे करके 18 वर्ष की आयुं में धीरे-धीरे कैब ड्राइविंग सीख ली और टैक्सी ड्राइवर बन गये |
कैब ड्राइवर गाजी जलालुद्दीन द्वारा ‘सुंदरवन ड्राइविंग समिति’ की स्थापना करने की कहानी
ड्राइविंग स्कूल और समाज सेवा
ड्राईवर बनने के बाद भी Cab Driver Gaji Jalauddin के मन में अपने गाँव के बच्चो के आर्थिक विकास करने को लेकर कुछ करने की इच्छा थी | उनका मानना था कि जिन समस्याओ और मुसीबतों का सामना उन्होंने किया वैसी मुसीबतों का सामना गाँव के बच्चो को ना करना पड़े इसीलिए उन्होंने ‘सुंदरवन ड्राइविंग समिति’ की स्थापना की जो गांव के युवकों को फ्री ड्राइविंग सिखाकर उनको अपने पैरो पर खड़ा करती थी |
उन्होंने अपनी पहली कक्षा के छात्रों से ड्राइविंग सीखाने की फीस के बदले 5 रूपए चंदा ‘सुंदरवन ड्राइविंग समिति’ के लिए लिया वो भी जब उन सभी छात्रों ने अपनी कमाई शुरू कर दी | यहाँ तक की उन्होंने अपने छात्रों को गांव के दूसरे युवकों को भी ड्राइविंग सीखाने के लिए प्रेरित किया और इस तरह उनके ड्राइविंग स्कूल की चेन चलने लगी और आज उस स्कूल के लगभग 300 युवक टैक्सी चलाकर पैसे कमा रहे हैं।
Cab Driver Gaji Jalauddin द्वारा गरीब बच्चो के उज्जवल भविष्य के लिए स्कूल खोलने की कहानी
गाजी जलालुद्दीन का मन इतना सब कुछ करने के बाद भी नही भरा और उन्होंने गरीब बच्चो को पढ़ाने के उद्देश्य से अपने 2 कमरे के छोटे से घर के एक कमरे में स्कूल खोल लिया जिसमे शुरू-शुरू में तो गाँव के किसी परिवार ने अपने बच्चो को नही भेजा क्योंकि गाँव वालो को लगता था कि बच्चो को पढ़ा-लिखाकर कोई फायदा नही होने वाला लेकिन Cab Driver Gaji Jalauddin के हौसले बहुत बुलंद थे और उन्होंने वर्ष 1998 में अपने जमा पूँजी से अपने दोनों बेटो इस्माइल इस्राफिल के नाम पर फ्री प्राइमरी स्कूल की स्थापना की जिसमे शुरू में 2 शिक्षक और 22 विद्यार्थी थे |
इसके बाद वर्ष 2012 में उन्होंने ड्राइविंग स्कूल से आने वाले चंदे की मदद से स्कूल के लिए एक पूरी बिल्डिंग खरीद ली जिसमे आज पूरी 12 कक्षाएं, 2 शौचालय और एक मिड डे मील रूम भी मौजूद हैं। आज स्कूल में शिक्षा का स्तर भी बहुत सुधर गया है जिसके कारण आज स्कूल में 21 शिक्षक कार्ययत है और करीब 450 बच्चे पढ़ते हैं।
तो देखा आपने कि कैसे Cab Driver Gaji Jalauddin ने अपनी रात-दिन के परिश्रम से खुद की ज़िन्दगी बनाई और आज दूसरो के बच्चो का भविष्य बनाने और उनको अपनी पैरो पर खड़ा करने के लिए के लिए गरीब बच्चों की मुफ्त शिक्षा और इन बच्चो के पिता को मुफ्त ड्राइविंग सीखाने के प्रयास में रात-दिन लगे रहते है | हम Cab Driver Gaji Jalauddin जैसे लोगो की हिम्मत को सलाम करना चाहिये जो दुनिया को कुछ इस तरह से बदलने का नजरिया रखते है और उस उद्देश्य की पूर्ती के लिए प्रयासरत भी है |


