Swami Vivekanand Anmol Vichar

Mahan Vichar | Swami Vivekanand Ke Anmol Vichar

Swami Vivekanand Anmol Vichar स्वामी विवेकानंद  के अध्यात्म से प्राप्त ज्ञानमय विचार प्रत्येक व्यक्ति के जीवन को प्रकाशमय एवं प्रेरित करते हैं। स्वामी विवेकानंद कर्म पर भरोसा रखने वाले ऐसे महापुरुष थे जिन्होंने अध्यात्मिक एवं धार्मिक ज्ञान के आधार  पर समस्त संसार को प्रेरणा दी। 

शिकागो में आयोजित विश्व धर्म महासभा  में स्वामी विवेकानंद ने अपने भाषण द्वारा  हिंदू धर्म का प्रतिनिधित्व किया और अपने ज्ञानमय विचारो से सभी को प्रभावित किया। आइये जानते हैं स्वामी विवेकानंद के ऐसे अनमोल विचार, जो हमारे जीवन की दिशा को बदल सकते हैं –

Swami Vivekanand Ke Anmol Vichar

1- जब तक आप खुद पर विश्वास नहीं करते हैं तब तक आप भगवान पर विश्वास नहीं कर सकते। – स्वामी विवेकानंद

2- यह कभी मत कहो कि  ‘मैं नहीं कर सकता’, क्योंकि आप अनंत हैं। आप कुछ भी कर सकते हैं। – स्वामी विवेकानंद

3- उठो, जागो और लक्ष्य पूरा होने तक मत रुको। – स्वामी विवेकानंद

4- एक रास्ता खोजो।  उस पर विचार करो।  उस विचार को अपना जीवन बना लो। उसके बारे में सोचो।  उसका सपना देखो, उस विचार पर जियो। मस्तिष्क, मांसपेशियों, नसों, आपके शरीर के प्रत्येक भाग को उस विचार से भर दो। और किसी अन्य विचार को जगह मत दो।  सफलता का यही रास्ता है। – स्वामी विवेकानंद

5- आप जोखिम लेने से भयभीत न हो, यदि आप जीतते हैं, तो आप नेतृत्व  करते है, और यदि हारते है , तो आप दुसरो का मार्दर्शन कर सकते हैं। – स्वामी विवेकानंद

6- यही आप खुद को कमजोर समझते है तो यह सबसे बड़ा पाप है। – स्वामी विवेकानंद

7- शक्ति जीवन है तो निर्बलता मृत्यु है। विस्तार जीवन है तो संकुचन मृत्यु है। प्रेम जीवन है तो द्वेष मृत्यु है। – स्वामी विवेकानंद

8- अपने इरादों को मज़बूत रखो। लोग जो कहेंगे उन्हें कहने दो। एक दिन वही लोग तुम्हारा गुणगान करेंगे। – स्वामी विवेकानंद

9- अपने आप को विस्तार आपको अपने अंदर से करना होगा। तुम्हें कोई नहीं सिखा सकता, कोई तुम्हें आध्यात्मिक नहीं बना सकता। कोई दूसरा शिक्षक नहीं है बल्कि आपकी अपनी आत्मा है। – स्वामी विवेकानंद

10- यदि हम ईश्वर को अपने हृदय में और प्रत्येक जीवित प्राणी में नहीं देख सकते, तो हम खोजने कहां जा सकते हैं। – स्वामी विवेकानंद

11- जो किस्मत पर भरोसा करते हैं वो कायर हैं, जो अपनी किस्मत खुद बनाते हैं वो मज़बूत हैं। – स्वामी विवेकानंद

Swami Vivekanand Ke Anmol Vichar

 

12- दुनिया एक महान व्यायामशाला है जहां हम खुद को मजबूत बनाने के लिए आते हैं। – स्वामी विवेकानंद

13- जिस क्षण से  मैंने प्रत्येक मानव शरीर के मंदिर में भगवान को बैठे हुए महसूस किया है, उस क्षण से मैं प्रत्येक मनुष्य के सामने श्रद्धा से खड़ा हूं और उसमें भगवान को देख रहा हूं – उस क्षण मैं बंधन से मुक्त हो जाता हूं, वह सब कुछ जो गायब हो जाता है, और मैं मुक्त हूं। – स्वामी विवेकानंद

14- हम जैसा सोचते हैं बाहर की दुनिया बिलकुल वैसी ही है, हमारे विचार ही चीजों को सुंदर और बदसूरत बनाते हैं। सम्पूर्ण  संसार हमारे अंदर समाया हुआ है, बस जरूरत है तो चीजों को सही रोशनी में रखकर देखने की। – स्वामी विवेकानंद

15- ब्रह्मांड की सभी शक्तियां हमारे अंदर हैं। यह हम ही हैं जिन्होंने अपनी आंखों के सामने हाथ रखा है और रोते हुए कहा कि अंधेरा है। – स्वामी विवेकानंद

16- अनुभव ही आपका सर्वोत्तम शिक्षक है। जब तक जीवन है सीखते रहो। – स्वामी विवेकानंद

17- कुछ भी ऐसा जो आपको  शारीरिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक रूप से कमजोर बनता हो, उसे ज़हर सामान मानकर नकार देना चाहियें। – स्वामी विवेकानंद

18- समय का पाबंद होना, लोगों पर आपके विश्वास को बढ़ाता है। – स्वामी विवेकानंद

19- धन्य हैं वह लोग जिनके शरीर दूसरों की सेवा करने में नष्ट हो जाते हैं। – स्वामी विवेकानंद

20- जब कोई विचार विशेष रूप से हमारे मन पर कब्जा कर लेता है, तो यह वास्तविक, भौतिक या मानसिक स्थिति में बदल जाता है। – स्वामी विवेकानंद

21- पवित्रता, धैर्य और दृढ़ता, यह तीनों सफलता के लिए परम आवश्यक हैं। – स्वामी विवेकानंद

22- महान कार्य के लिए महान त्याग करने पड़ते हैं। – स्वामी विवेकानंद

23- यह कभी मत सोचो कि आत्मा के लिए कुछ भी असंभव है। ऐसा सोचना सबसे बड़ा विधर्म है। यदि पाप है, तो यह एकमात्र पाप है, यह कहना कि आप कमजोर हैं, या अन्य कमजोर हैं। – स्वामी विवेकानंद

24- हमारा कर्तव्य है कि हम सभी को अपने उच्चतम विचार को जीने के लिए संघर्ष करने के लिए प्रोत्साहित करें, और साथ ही आदर्श को सत्य के जितना संभव हो सके बनाने के लिए प्रयास करें। – स्वामी विवेकानंद

Swami Vivekanand Ke Anmol Vichar

25- मैंने भगवान से शक्ति मांगी उसने मुझे मुश्किल हालात में डाल दिया। – स्वामी विवेकानंद

26- बार बार परमेश्वर का नाम लेने से कोई धार्मिक नहीं हो जाता। जो व्यक्ति सत्यकर्म करता है वही धार्मिक है। – स्वामी विवेकानंद

27- जब आप व्यस्त होते हैं तो सब कुछ आसान सा लगता है परन्तु आलसी होने पर कुछ भी आसान नहीं लगता है। – स्वामी विवेकानंद

28- सच्चाई के लिए कुछ भी छोड़ देना चाहिए, पर किसी के लिए भी सच्चाई नहीं छोड़ना चाहिए। – स्वामी विवेकानंद

29- जब लोग तुम्हे गाली दें तो तुम उन्हें आशीर्वाद दो।  सोचो, तुम्हारे झूठे दंभ को बाहर निकालकर वो तुम्हारी कितनी मदद कर रहे हैं। – स्वामी विवेकानंद

30- बड़ी योजना की प्राप्ति के लिए, कभी भी ऊंची छलांग मत लगाओ। धीरे धीर शुरू करो, अपनी ज़मीन बनाये रखो और आगे बढ़ते रहो। – स्वामी विवेकानंद

31- संघर्ष करना जितना कठिन होगा, जीत उतनी ही शानदार होगी। – स्वामी विवेकानंद

32- खुद को कमजोर मान लेता बहुत बड़ा पाप है। – स्वामी विवेकानंद

33- यही आप मुझको पसंद करते हो तो, मैं आपके दिल में हूँ।  यदि आप मुझसे नफरत करते हो , तो मैं आपके मन में हूँ। – स्वामी विवेकानंद

34- यदि आपके लक्ष्य मार्ग पर  कोई समस्या न आये तो आप यह सुनिश्चित करले कि आप गलत रास्ते में जा  रहे हैं। – स्वामी विवेकानंद

35- दिन में कम से कम एक बार खुद से जरूर बात करें अन्यथा आप एक उत्कृष्ट व्यक्ति के साथ एक बैठक गँवा देंगे। – स्वामी विवेकानंद

36- मनुष्य की सेवा ही भगवान की सेवा है। – स्वामी विवेकानंद

37- जो व्यक्ति गरीबों और असहाय के लिए रोता है, वही महान आत्मा है, अन्यथा वो दुरात्मा है। – स्वामी विवेकानंद

38- चिंतन करो, चिंता नहीं , नए विचारों को जन्म दो। – स्वामी विवेकानंद

39- संभव की सीमा को जानने का सबसे उत्तम तरीका है असंभव की सीमा से आगे निकल जाओ। – स्वामी विवेकानंद

40- हजारों ठोकरें खाने के बाद ही एक अच्छे चरित्र का निर्माण होता है। – स्वामी विवेकानंद

Note : ज्ञान बांटने से बढ़ता है, इसलिए ज्यादा से ज्यादा शेयर कीजिये।

स्वामी विवेकानंद के 40 ज्ञानमय विचार | Swami Vivekanand Ke Anmol Vichar ने आपको  कितना इंस्पायर्ड किया , मोटिवेट किया कृपया कमेंट कर अवश्य बतायें, आपके किसी भी प्रश्न एवं सुझावों का स्वागत है। शेयर करें, जुड़े रहने की लिए Subscribe करें . धन्यवाद

यह भी पढ़ें –

उम्मीद के बारे में 31 अंतर्दृष्टि कोट्स

शांति देते भगवान बुद्ध के अनमोल वचन

शिव खेड़ा के 51 सफलता दिलाने वाले अनमोल विचार

शहीद भगत सिंह के क्रांतिकारी विचार

प्यार और परोपकार पर मदर टेरेसा के अनमोल विचार