आपको कौन रोक रहा है ? Hindi Motivational Story on Positivity

Motivational Story on Positivity

आपको कौन रोक रहा है ? (Hindi Story)

सकारात्मकता पर मोटिवेशनल कहानी “आपको कौन रोक रहा है. “The Motivational Story on Positivity” Who is stopping you”

आप जब भी अपना Aim निर्धारित करतें हैं तो वो Aim क्यों पूरा नहीं होता, आपको कौन रोक रहा है? कुछ लोग Successful हो जाते हैं और कुछ लोग Unsuccessful ! क्योँ? आप सक्षम हैं, आप अपने लक्ष्य के विषय में ज्ञान रखते हैं और उसके प्रति Excited हैं, फिर क्या Reason है जो आप Successful नहीं हो पाते।

मित्रों, आप जो भी काम करने जाते हैं या जो भी आपका लक्ष्य होता है, तो सबसे ज्यादा सामना आपको नकारात्मक शब्दों का करना होता है जैसे – तुम ये क्यों कर रहे हो, इतना आसान नहीं है यह, ऐसा कोई नहीं करता, हमको नहीं लगता की तुम कर पाओगे इत्यादि।

जिसको अपने ऊपर दृण विश्वाश होता है वो इन नकारात्मक बातों को भी सकारात्मक नज़रिये से लेता है और दूसरी ओर जो इन बातों से प्रभावित होता है, दृण विश्वाश की कमी के कारण भय से लक्ष्य को त्याग देता है, और असफल हो जाता है.

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आपने नेपोलियन बोनापार्ट का नाम सुना होगा, नेपोलियन बोनापार्ट फ्रांस के एक शक्तिशाली योद्धा थे. एक बार बहुत ही महत्वपूर्ण युद्ध के लिए उन्हें आल्पस पर्वत पार करना था, आल्पस पर्वत को पार करना वास्तव में कठिन था, ऐसा सभी सैनिकों ने सुन रखा था, इस कारण उनकी सेना भी काफी घवराई हुई थी पर नेपोलियन अपने इरादे में अड़िग थे, और उन्होंने अपने सैनिकों को आदेश दिया कि हम आल्पस पर्वत पार करेंगे.

तीन दिन चलने के बाद काफी विशाल और बादलों को छूता हुआ आल्पस पर्वत दिखाई दिया, सैनिक घवरा गए, पर अपने सेनापति के आदेश को तो मानना ही था। उधर पास में ही एक बुजुर्ग औरत बैठी थी. जब उसने देखा की वो लोग इस पर्वत पर चढ़ने जा रहे हैं तो वो नेपोलियन के पास आई और बोली “क्या तुम्हें मालूम भी है की तुम मौत के मुँह में जा रहे हो, ये पर्वत इतना विशाल है की इसको पार करना असंभव है, अगर तुमको ये लगता है कि तुम इसे पार कर लोगे तो तुम मुर्ख हो, जो भी गया वो वापस नहीं आया. अगर तुम अपनी ज़िन्दगी से प्यार करते हो तो वापस चले जाओ.

सभी सैनिक ये सुनकर घवरा गए और शायद नेपोलियन को भी ये सुनकर घवराना चाहियें था, और वापस लोट जाना चाहियें था, जो शायद हर असफल व्यक्ति करता है. लेकिन नेपोलियन न भयभीत हुए और न हीं नाराज़ ! बल्कि बुजुर्ग औरत से बोले कि आपने मेरा उत्साह और बढ़ा दिया है. अपने मुझे और ज्यादा प्रेरित कर दिया है, अगर में जिन्दा वापस आया तो आप मेरी जय-जयकार करना, और अपना हीरे का हार उतारकर उस बुजुर्ग औरत को दे दिया।

दोस्तों, नेपोलियन को कौन रोक रहा था, उस बुजुर्ग औरत के नकारात्मक विचार जो सच थे पर नेपोलियन ने इसे भी सकारात्मकता के रूप में लिया और दृढ़ विश्वाश के साथ न सिर्फ पर्वत को पार किया वरन उस युद्ध को भी जीता, और इस युद्ध की जीत के साथ अपना नाम इतिहास के महान योद्धाओं में अंकित कर लिया। (About to “Napoléon Bonaparte” Click Here)

दोस्तों, आप चाहें यां ना चाहें, नकारात्मक बातों का सामना आपको करना पड़ेगा, पर जो अपने लक्ष्य पर अड़िग रहता है, वो इन नकारात्मक बातों को भी सकरात्मक दृस्टि से देखता है.दोस्तों, याद रखना “जो बहार की सुनता है, वो बिखर जाता है, और जो अपने अंदर की सुनता है, वो सवर जाता है।

मित्रों, यह पोस्ट “आपको कौन रोक रहा है” कैसी लगी और आपको कितना मोटिवेट मिला, कृपया कमेंट कर अवश्य बतायें, आपके किसी भी प्रश्न एवं सुझावों का स्वागत है।

 

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